INDIA Meeting: चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर INDIA गठबंधन ने आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। बुधवार को हुई विपक्षी दलों की बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बताया कि गठबंधन ने 2 से 8 अक्टूबर तक जिला स्तर पर ‘सेव डेमोक्रेसी मार्च’ निकालने का फैसला किया है। इसके बाद 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसद चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च करेंगे। 20 दलों की बैठक खरगे के मुताबिक बैठक करीब साढ़े तीन घंटे चली और इसमें 20 राजनीतिक दलों ने हिस्सा लिया। कुछ नेता ऑनलाइन माध्यम से भी बैठक में जुड़े। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर मिलकर आगे बढ़ने और आंदोलन को मजबूत करने पर सहमति जताई। गठबंधन की ओर से तय कार्यक्रम के तहत 2 से 8 अक्टूबर के बीच अलग-अलग जिलों में मार्च और प्रदर्शन किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में जिलाधिकारी कार्यालयों के सामने प्रदर्शन कर चुनावी प्रक्रिया से जुड़े विपक्ष के सवाल जनता तक पहुंचाने की बात कही गई है। 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक मार्च खरगे ने बताया कि 6 अक्टूबर को INDIA गठबंधन के सभी विपक्षी सांसद ‘मार्च टू इलेक्शन कमीशन’ में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि पहले यह कार्यक्रम तत्काल आयोजित करने की योजना थी, लेकिन सभी सांसदों को साथ लाने के लिए 6 अक्टूबर की तारीख तय की गई। इसके अलावा विपक्षी नेता अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में राष्ट्रपति से मुलाकात का समय मांगेंगे। खरगे के अनुसार, इस मुलाकात में चुनावी प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं से जुड़े मुद्दे उठाए जाएंगे। खरगे के आरोप प्रेस कॉन्फ्रेंस में खरगे ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि आयोग सरकार के प्रभाव में काम कर रहा है और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष की चिंताओं को दूर नहीं किया गया। ये आरोप विपक्ष की ओर से लगाए गए हैं; चुनाव आयोग और सत्तारूढ़ पक्ष ने इन आरोपों को खारिज किया है। खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी दोहराई। विपक्षी दल SIR और मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। ममता बनर्जी ने भी उठाई आवाज टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने कहा कि INDIA गठबंधन इस मुद्दे पर एकजुट है। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में मतदाताओं के अधिकार और पारदर्शिता को लेकर चिंता जताई और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। ममता ने कहा कि विपक्ष ने अपनी शिकायतें चुनाव आयोग और अदालतों के सामने रखी हैं और अब आंदोलन को आगे बढ़ाने का फैसला लिया गया है। उनके कई आरोप राजनीतिक दावे हैं, जिन पर संबंधित संस्थाओं और सत्तारूढ़ दल की ओर से अलग प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। राहुल गांधी बोले लोकतंत्र सबसे बड़ा बैठक के बाद राहुल गांधी ने कहा कि विपक्षी दलों के बीच अच्छी चर्चा हुई और सभी नेताओं ने लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर साथ मिलकर काम करने की बात कही। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र किसी एक व्यक्ति से बड़ा है और जिन लोगों पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाने के आरोप हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। नवंबर में बड़ी रैली की तैयारी INDIA गठबंधन ने अक्टूबर और नवंबर में बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करने की भी योजना बनाई है। खरगे ने बताया कि 1 नवंबर को दिल्ली में बड़ी रैली आयोजित करने का कार्यक्रम है। इसके अलावा अक्टूबर-नवंबर में अन्य रैलियों की तारीख और स्थान भी तय किए जाएंगे। इस तरह SIR, मतदाता सूची और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्ष का अभियान अब जिला स्तर से राष्ट्रीय स्तर तक ले जाने की तैयारी है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक टकराव और तेज होने की संभावना है। ये भी पढ़ें: INDIA ब्लॉक की बैठक आज, मुद्दे एक लेकिन क्यों अलग दिख रही विपक्षी एकता?